Hindi-Is there a limit to tolerance? Perspective | Chaitanya Charan
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संक्षिप्त सारांश
क्या क्योंंकि टॉलरेंट के लिए कुछ बॉर्डरलाइन या लिमिट है। हाँ, बिल्कुल है। मैं आपको क्वश्चन टॉलरेट नहीं करूँगा अबे। नहीं, ज़रूर देखिए। हम देखते हैं भगवाईता के 2.14 में पाम सितिक्षो सभारत बोलते है टॉलरेट करो आप। पर ये टॉलरेट क्या करो।
मुख्य ट्रांसक्रिप्शन
क्या क्योंंकि टॉलरेंट के लिए कुछ बॉर्डरलाइन या लिमिट है। हाँ, बिल्कुल है। मैं आपको क्वश्चन टॉलरेट नहीं करूँगा अबे।
नहीं, ज़रूर देखिए। हम देखते हैं भगवाईता के 2.14 में पाम सितिक्षो सभारत बोलते है टॉलरेट करो आप। पर ये टॉलरेट क्या करो।
क्या वो कह रहे है कि कवरो ने आपके जो अत्याचार किया है वो टॉलरेट कर लो आप। वो टॉलरेट करो ये नहीं बोल रहे है वो क्या बोल रहे है आप टॉलरेट करो टॉलरेट करो कि तुम्हें भीश्म से युद्ध करना पड़ रहा है तुम्हें भीश्म द्रोण से फाइटिंग करना पड़ रहा है बड़ा मुश्किल है ये पर ये तुम्हें टॉलरेट करना चाहिए तो जब यह टॉलरेट करना है उसके पहले क्या टॉलरेट करना है क्या सेहन करना है क्या नहीं सेहन करना है ये समझना बड़ा मतलब है तो इसलिए इसके पहले जो आता है 2.13 में भगवान बोलते है इंटेलिजिनस हमें बुद्धी होने चाहिए और बुद्धी के एक सिम्पल परिभाषा है कि प्रवपाजी बोलते है क्योंंकि उनके परस्पेक्टिव में बड़ा है में देखना है कौंसी चीज़े बड़ी है और कौंसी चीज़े चोटी है और क्या है बड़ी चीज़ों को महत्व देना है चोटी चीज़ों को महत्व नहीं देना है तो भगवान कहते हैं कि तुम भीश्मे पर आकरमन कर रहे हो वो शरीर नहीं आत्मा है शरीर का लाश होगा ये चोटी चीज़े आत्मा का कल्यान वो बड़ी चीज़े उस पर जोर दौ और फिर टॉलरंस से फल क्या होता है वो है Transcendence यम्हीन व्यत्यं तेते पुरुशं पुरुशर्शबा समदुख सुखं धीरं सोम्रु तत्वाय कल्पते इससे अम्रुततों प्राप्थ होगा ये तुनाद अपी सुनिज़न तरोर अपी सहिष्णा ये है और उसका फल क्या होना चाहिए कीर्तनिय सदाहरी जब हम सहन करते हैं उससे हमें भगवान का गुणगान सदाइव कर सके ये संभव होना चाहिए तब इसमें क्या है दो चीज़े एक्स्टिम हो सकती है गलत हो सकता है जब हम समस्याय को डिफिकल्टी को फेस करते हैं तो एक है कि हम छोटी चीज़ को बड़ा बना देते हैं तो फिर उससे क्या होता है हमेरा इंटॉलरंस हो जाता है कोई छोटा सा हमें कुछ बुरा बोल देता है हम उसमें बहुत गुस्ता हो जाते हैं आकरमन करने लग जाते हैं ये अच्छा नहीं है पर दूसरी भी समस्या हो सकती है कभी हम बड़ी चीज़ को छोटी बना देते हैं तो ये टॉलरंस नहीं है ये क्या हो जाएगा ये इंपोर्टेंस हो जाएगा ये शक्तिहींता हो जाएगी तो बड़ी चीज़ को छोटा नहीं करना है मतलब क्या है कि अभी ये क्लास चल रहा है तो अभी मान लीजे कोई मा है उसका चोड़ा बच्चा है बच्चा रोने लग जाता है तो अगर मान लीजे बच्चा रोने लग जाता है तो मैं चिल्लाने लगता हूँ वो मा पर चिल्लाता हूँ बच्चे को संबाल नहीं पा बच्चे को नहीं संबाल करता है तो मैं यहां से चल रहा हूँ तो अगर मैं इस तरह से चिल्लाऊँगा वो मा पर तो क्या होगा वो इन्टॉलरंस हो जाएगा मैं कितना भी अच्छा परवज्जन दूगा क्लास के बाद आप सबको क्या दे रहेगा यह व्यक्ति कैसे इस पर चिल्ला आया था मैं एक ओर्गनेजर के बाद देखा ओर्गनेजर के बाद देखा वो भी कुछ करने कुछ देया नहीं था तो फिर मैंने वैसे भी वो क्लास दे दिया सब डिस्ट्राक्टिट थे फिर बाद में वहाँ का ओर्गनेजर था उस थे बताया कि ये पहली बाद हमारे क्लास में आये थे और ये जो इस्त्री है वो अच्यूलि वो जो एरिया है वेस्ट नाओर के थोड़ा वहाँ पर क्राइम काफी है तो वहाँ का जो गैंग लीडर है उसकी गर्ल फ्रेंड थी तो कोई उसको कुछ बोल ले गया है हिम्मत नहीं कर रहा है तो तो पॉइंट ये है पर साधार क्लास में कोई बार बार रो रहा है तो उसको थोड़ा हम कुछ बोलना चाहिए है वह एक बिग थी, हम सुनी नहीं पा रहे है कुछ तो यहाँ पर एक स्माल थिंग क्या है क्योंंकि थोड़ा आवाद आता है, इदर फोन बचता है, कोई उच्छा रोता है, वह स्माल थिंग है पर हमेशा अगर कोई आवाद आ रहा है जो काम करने आये हैं, जो बिग थिंग क्या है, वह क्लास सुनना है वो ही सुन नहीं पा रहे हैं, तो प्राब्लम आ जाएगा आज प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है, तो प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है, तो प्राब्लम आ जाएगा आज प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है, तो प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है, तो प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है आज प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है, तो प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है आज प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है, तो प्राब्लम सुन नहीं पा रहे है