Hindi Wisdom from Ramayana When should a wrongdoer be blamed and when not blamed?
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संक्षिप्त सारांश
नईवा की कारण हो रही हैं। किस हज्ञा किसी व्याख्यी कारण हो रही हैं। और कैसे हमें, जब हमारी चीज़ में होता है, खास करके कुछ बहुत पीट होता है। उससे कैसे समझना है। अगर हम देखते हैं, रामायन में, अगर कोई वीडियो स्वागता है, तो उसने प्लॉट क्विस्ट होता है। अचानक कहानी बदल जाती है।
मुख्य ट्रांसक्रिप्शन
नईवा की कारण हो रही हैं। किस हज्ञा किसी व्याख्यी कारण हो रही हैं। और कैसे हमें, जब हमारी चीज़ में होता है, खास करके कुछ बहुत पीट होता है।
उससे कैसे समझना है। अगर हम देखते हैं, रामायन में, अगर कोई वीडियो स्वागता है, तो उसने प्लॉट क्विस्ट होता है। अचानक कहानी बदल जाती है।
हम एक दिशा में जा रहे हैं, बदल जाती हैं। तो रामायन में दो बड़े प्लॉट क्विस्ट हैं। अचानक कहानी एक दिशा में जा रही है, अचानक प्लॉट कहानी एक दिशा में जा रही है।
यह भवान राम का खान बास है। और दूसरा है? सीता हरण तो जिला कहा रहे हैं, सनिवाल रिवार्ड को चर्चा कर लेंगे।
अचानक कहानी एक दिशा में जा रही है, अचानक प्लॉट कहानी एक दिशा में जा रही है। अचानक कहानी एक दिशा में जा रहे हैं, सनिवाल रिवार्ड को चर्चा कर लेंगे। प्रिविद्धरत काफी बत्तक टेके इसे माराद है।
एक वाद दुश्य से हम देज़ेते हैं कि इसमें जब भी हो जाता है ये सब सुच्छ, तो एक तरह से एक वाद बड़ी घल्ती थी। प्रिविद्धरत काफी बत्तक टेके इसे माराद है। उसको कोई सजा नहीं दिजाता है।
मुझे देखते रावन सिटा काफ़ भरण करता है तो उसको सजा मिलती है। प्रिविद्धरत काफी बत्तक टेके उसको सजा नहीं दिजाता है। प्रिविद्धरत काफी बत्तक टेके उसको सजा मिलती है तो जब महाभरत का युद्ध होने वाला आता है तभी भी यही विचार आता है कि जब महाभरत का युद्ध होने वाला होता है जो उसके पहले वियासदेव और दुप्तराश्ट में एक समवान होता है और उसमें यही वियासदेव दुप्तराश्ट को बोलते है कि तुम अप अगर तुम उसको नहीं होते हैं तो सारे कुल का विनाश होचा है और ऐसें बोलके वो उसको दुड़े नहीं करते हैं अदेश देते हैं अदेश नहीं उप्देश देते हैं तभी दुप्तराश्ट कहता है कि जिसके लिए प्रसंद बोले अगर देव की इच्छा यह है कि हमारे कुल का विनाश होचा है तो मैं तो एक छोड़ा सा माना हूँ मैं क्या कर सकता हूँ देव को अगर देव व्यास देव बहुत अच्छा होगा व्यास देव कहते हैं कि यह राजा दहीव की क्या योजना है यह हमें समझना बड़ा मिश्किल है हमारे जमझारी यह है कि हमें देखना कि हमारा कर्टव यह क्या है इस प्रस्तिती में हमारा कर्टव यह क्या है इसकी बाहरे में दुचना है यहां व्यास देव यह नहीं कहते हैं कि दहीव नहीं है पर वह यह नहीं कहते है कि दहीव है वह कहते हैं कि दहीव चानना बड़ा मिश्किल है पर वही व्यास देव जब विद्ध हो जाता है उसमें जितराश्ट के साव के साव गवर्ण जाता है उसके बाद जितराश्ट के बहुत विदाव करता है और तभी व्यास देव आते हैं जितराश्ट के बाद कि दहीव नहीं कहते हैं कि तुम्हें शोक नहीं करते हैं यह जितराश्ट था दहीव के बाद कि दहीव नहीं करते हैं और बताते हैं कि कैसे कुछ समय पहले सारे देवताओं ने पाची की थी देवताओं ने विश्व से याशना की थी और जो असूद्धे वो इस पुर्थ्वी जंग लेने वाले थी और देवताओं ने इस पुर्थ्वी जंग लेने वाले थी और उन दोनों में एक बड़ा तो यहाँ पे वो कहते हैं क्या ये देवताओं की योज़ना है तो ताँगे है और वही यास देव जब युद्धब हो जाता है तो वो कहते है ये देवताओं की योज़ना है तो अभी तो क्या है देवती योज़ना है नहीं या देवती योज़ना है नहीं तो ये जो समझ है कई बाद हमारे जीवन में आता है कुछ हो जाता है कई कुछ आसित हो जाता है कुछ हो जाता है कुछ बड़ी समस्यां जाती है तो शायद इस व्यक्ति ने कुछ किया है ये कई बाद समझना बड़ा मिश्किल है कुछ हथ किस हथ जो हमारे जीवन में होता है वो अगर हम देखेंगे पेहगे के बादे से देखते हैं या अगर हम द्राष्ट के बादे से देखते हैं पेहगे के बादे से देखते हैं उसमें कई चीजित होगी एक तो अभी जो हम कहते हैं कि राम का कोरोनेशन हुड़े होगा था उनको इउराज विला जाना था कि राजा हुड़े होगा था वो कहानी एक तर जाना थी पर अचानत क्या हो गया पूरे दुसरा जंगी राम वज एंजार विला था तो उनका वनमास हुड़े हो तो ये जो अचानत पूरी कहानी की जो दिशा बदल गयी था वो क्योंं गयी था अगर हम देखते हैं तो ये जो क्विस्ट जो था उसका एक कारण देखते है कैके दुसरा कारण देखते है मन्थरा पर क्या कोई और कारण देखते हैं उसकी नहीं उसी परसते हम देखते हैं तो अगर जीत पर मन्थरा वो कही कही को हो अब कैसे उपसा था कैसे उसके कान भरपा है क्योंंकि हम कहसकते हैं कि तभी भरत अपसंद है अगर भरत वहाँ पर हो रहा था तो फिर भरत कही क्योंंकि तो समझा जाएगा या खास कैसे बता पाती है मन्थरा के लिए सावे कर्यंटर है तो कहते हैं कि इतनी जल्दी क्या है राज्यामशेकर यूदराज्यामशेकर ये साब भरत के लोगों कोड़े में क्योंं किया था तो ये भरत को साइदन के लिए है ये एक शर्यंटर है तो हम कहते हैं कि बहुत अपसंट यूद हैं कि अभिदर्श्ट माराज का डिसिजन था फिर हमें जद्दी करना है राज्यामशेकर ये जद्दी है तो अभिदर्श्ट माराज का डिसिजन था फिर हमें जद्दी करना है राज्यामशेकर ये जद्दी है तो अभिदर्श् ये जो बो रहा है वो क्योंं हुआ मालि कि कोई गाड़ी चला रहा है और गाड़ी चलाते में फोन क्योंं देखता है यह फोन क्योंं देखता है और उससे समय कोई लड़का रस्ट के लिए चलते हैं तो और क्योंं आज हम दी गाड़ी चलते हैं तो इसको तहने करते कितने बार ऐसे नहीं होता है कि बच्चे को समझा चाहिए था वस्ते पे से दोड़ना नहीं चाहिए पर कितने बार ऐसे नहीं होता है कि बच्चे न वस्ते पे दोड़ता है तो कुछ नहीं होता है तो कैसे मता है कि जब कोई बहुत बुरी घटना होती है तो इसलिए जितेक्टिल नौर में कहते है कि वाँ प्लेस अपर वां प्लेस तो कई ऐसी घटना एक साथ हो जाती है एक दो तीं बुरी जीदे उसने में तो वो साथ में होती है तो कोई कारिण पर पड़ा होती है और उसमें अभी कहके ही कह सकते हैं जबिदार नहीं है पर अगर जबिदार है तो कुछ सत्व कर सकते है तो कैसे जबिदार नहीं है जबि मेंंगान प्रवाद दिख्ई कृत sunikaừूस súper अंगन सके जबिदार नहीं है जबिदार नहीं है जबिदार नहीं है कर्मज्यकृतरो चेखी नहीं है जिकप्रारत्मन yajapramasra करमा का कर्मकाउंड होता है कर्म का एक ओर अर्थाव सकता है प्रिस्क्राइल का एकशिव जो हमारा कर्ताव भी है, जो हमसे अदेख्षिव है, इस कर्म से कर्म का होता है, कर्म का एक और अर्थ होता है धर्म, जो भी करना है. तो यह अर्थ है धर्म का, कर्म का होता है, कर्म का कर्म का होता है, तो कर्म के अने कर्म है, तो अभी जब हम कोई कारे करते हैं तो उसके लिए कुछ होता है, तो अभी वो किस संत वो किसने कारे किया उसके कारण वो ऐसे होता है, जो भी हुआ, वो किसने किया, क्योंं हुआ, अभी ये समझना होता है, वो आसान नहीं है, अभी पूरी यहाँ पे एक पच्पन से सकार है, जब दो साल का था तभी दिवाली का, उसके रोकेट को जला रहा था, और वो रोकेट उपर जाने के जगपे साइड में जला रहा था, और जहां पे मैं बैठा था, पाकी साल बच्चों के हाँ बैठा था मैं, वहाँ पे व तो तभी मेरे माता पिता भी में पास हुई था, मैं देखा पर कुछ नहीं कर रहा था, तो अभी एकी संत जिसमें वो रोकेट लगाया है, वो से में लगा रहा था, मैं कहता था उसने रोकेट लगाया था भी, जहां तो मुझे आदे, रोकेट जब लगा थे तो सिखा रह पर जहां तो मुझे पता रहा है कि यहां तो उसमें वो स्थान तू सिखा रहा नहीं रखा, या उससे कुछ हवा का चौका आ गया, जो भी हो गया तो उपर जाने के जब नहीं रखा था, तो अभी मैं कहता था क्या वो जम्मेदार है, उसमें तो किसी को खायर करने के दुखिया नहीं रखा, वो तो सेलिब्रेट करता है, अभी वो जम्मेदार नहीं है, शायद अगर माधबतर बाज़ में होते थे, शायद वो ब्यारी को खिच सकते थे, पर वो वहाँ पर उससे जब नहीं रखा, क्या हों तो जम्मेदार नहीं रखा चाहिए, तो तुम्हारे कारणे से, और इसका कैसे होता है, कि जब भी कोई adversity, कोई मिपत्ति आती है, तो एक है कि इसके दो extreme हो रखते हैं, कि blame others, इसलिए और पढ़ोचने, पर दूसरा extreme है, कि blame oneself, कि man is a criminal, अभी कभी-कभी जम्मेदार नहीं रखा, जम्मेदार नहीं रखा चाहिए, पर जितनी कुछ की गलती है, जितना कुछ जम्मेदार है, उससे जादा उसके जम्मेदार रहता है, उससे भी उस व्यक्ति के लिए वो चीज़ होता है, mental health के लिए, वो भी सुबह रहते हैं, रखा आपको बाव में रहते हैं, तो क्या है कि ये दोमों extreme हैं, इसलिए जिसको हम दोश देखें, जो हुआ है उसके लिए, साधायन्ता क्या होता है, उसके परती दिले दिले hatred आता है, hatred मतलब नाफरत, अभी जो घाइंगर है, खुरोद और नाफरत, इन दोले में कुछ फरत है, नाफरत पूरे शब्दा हो रहे है, हैंगर जो होता है इसको टेंपरी होता है, शॉर्टलियों होता है, जो खोद आता है कुछ समय जाता है चल जाता है, ये हेट्रेट लॉंग लास्टिंग होता है, और जो शॉर्टलियों भी होता है इससे क्या होता है, इति इस में लेता है हॉट हैड़े, हॉट हैड़े मतलब करम दिमाँ पर आता है, उससा आता है, कुछ बोल देता है और जो नफरत करता है वो पुरा कोल्ड ब्लरेट क्या है कि वो कभी जो नफरत कर रहा होता है वो ऐसे दिखाव भी कर सकता है कि मुझे कोई नफरत नहीं है, मैं आप से बहुत स्वेज़ रहा हूँ वो साधा लिए जब क्रोध होता है उसको छिपाना बड़ा उश्किल होता है कुछ लोग छिपा सकते है पर क्रोध को छिपाना उश्किल होता है पर जो नफरत होता है पर इन दोना में जब क्रोध होता है पहले अंगर होता है पर जब अंगर होता है क्रोध होता है पहले अंगर होता है पर जब अंगर होता है पर जब अंगर होता है पहले अंगर होता है पर जब अंगर होता है क्रोध करते है 충분وم क्रोध करते हैं मैं तू म्हीं नम्रता होगा क्रोध करते हैं समय जानते हैं कुछ बहां मारा वो क्या है कि I am small मैं वों चोटा हूँ ये जगत बहुत पड़ा है तो मेरी शम्दा चोटी हूँ क्या हम तक में भुराई हैं हम नहीं हैं पर वो भुराईयों पे चिंदन करने से नमपता नहीं है वो भुराईयों से चिंदन करने से वास्तव में हमारा क्या शम्द है वो क्षाम्य है हम खुद के ओर ही नकारात्म पहुँँ देखते हैं अगर हम भगवान के अंशेव हैं हम भगवान के भगती करना चाहते हैं तो हमें सारे भगवान के अंशेव को आदर करते हैं तो यह अंशे है इसका भगवान करना चाहते हैं आपको करतका है कि मुझे कुछ कुछ करता है, मुझे कुछ कुछ करता है, मुझे कुछ कुछ कुछ करता है, मुझे कुछ कुछ करता है, मुझे कुछ कुछ करता है, मुझे कुछ कुछ करता है, मुझे कुछ कु कुछ करता है, मुझे कुछ कर करता है, मुझे कुछ करता ह हमको दोज़ देना है या दुसरों को दोज़ देना है, ये दोनों एक स्ट्रीम है, इसमें बीच में क्या है, हमें हमें पूरा क्या घटा है, वो देखना ज़रूरी है तो अभी जो रामायत घटना हुई, उसमें ये सही है कि कैकरी में एक गलत पैसा हुई, तो कैकरी कैकरी को अंतरा आले, उनको महंगा जहर बनता हुई, और उसका प्रभाँ स्पिर्थ हुई, अभी जो गलती होती है, जो कोई गलती करता है, तो इसमें वास्तव में गलतिय कैसे होता है कि एक प्रभाँ स्पिर्थ हुई, एक है सर्कॉंस्टेंश्य, सर्कॉंस्टेंश्य मतलब परस्थिती से हुई, और दूसरी है इंटेंश्य, इंटेंश्य मतलब जाना नहीं हुई, परस्थिती से कारण हुई, इसका मतलब क्या है कि वेक्की जिल्मेदार नही नहीं, वेक्की जिल्मेदार नहीं होता है, क्या सर्कॉंस्टेंश्य मतलब क्या होता है, साधरन नहीं होता है, जब कोई घटना हो जाती हैं, तो हम बोल सकते हैं, अगर वेक्की जिल्मेदार नहीं होता है, तो ऐसे नहीं होगा, और हम कहते हैं कि कोई लड़का दोड़ना है बस्ते के बीच में, तो वो माताग्डारी गलती है, लड़का गलती है, पर जो ड्राइवी कर रहा है, उसकी गलती है, तो अभी क्या होता है नहीं, कि कोई साधरन या बाहर बाहर चराफी के ड्राइवी कर रहा है, तो फिर उसकी गलती पर जाता है, साधरन या ड्राइ है, पर खास कर के जब हमारा किसी से कोई लॉंग लास्टिंग संपंध है, हमारे परिवार वाले के लिए कोई वित्रण है, हमारे संगाने भक्तर है, वो कोई लॉंग लास्टिंग संपंध है, तो हम सब कभी न कभी गलती करते हैं, तो राज उन्दर जो होता है, जो घ जो घटना घटी है, जो एडवर्सिटी गप्ती हुई है, तो उसके बिफोर क्या हुआ में देखते हैं, उसके आफ़्टर, उसके पांध में क्या पढ़ेता है, तो पहले देख सकते हैं, तो किस अफ़्टर देख सकते हैं, हम देख सकते हैं, कि आफ़्टर किस अफ़् पर उसके मंत बोलना क्या है, कि साथ साथ ये देखने के लिए उसके पांध क्या हुई है, तो साधारन्द या जब आफ़्टर के लिए देखते हैं, जब कोई गलती करता है, तो दो चीज़ें हैं, कि एक है, उसको अंदर से कितना पश्चाता पढ़ेता हुई है, रिमो रिमोर्स जो है, इसकी इंदर्मल, रिफार् मतलब क्या है, ये कार्यों में वो वेक्ती बदलता है, तो अभी हम देखेंगे, कि ये दो चीज़ें हम देखते हैं, जब कोई गलत कारे कर देता है, सिरल कारे कर देता है, तो हमें ये देखना है, कि क्या वो वेक्ती उसको अं उसने इस वहार से कुछ परिवर्धन करने का प्रयास करता है, तो अभी हम कही कही का उन्हार देखते हैं, तो क्या कही कही को अंदर से पश्चाता हुआ, और क्या कही कही को कुछ परिवर्धन दिखाया, कैसे जानते हैं क्योंंकि तरह में वह कोई संग्ज़ास नहीं था तो जो रीफॉर्म था, तो वो स्वया निमेजन करती है कोई नाम से, तो वो उसके कार्यों से दिखाया है, कि वो परिवर्धन करता है इसके विपरी, अगर हम रावण देखते हैं, क्या रावण में कुछ लाने होई?
दुर्योधन में, जब पांड़मावों को वारणावर्थ में जलाने का प्रयास के, तो क्या उसके कोई, इसको रिबोंस कहते है, एक महुत खंडर बड़े है, रिग्रेट हमसे रिग्रेट वा वासे कुछ? नहीं तो रिग्रेट ना की नहीं हो, इसके फिल में नहीं हो वो पुरोचन इतना ख़ता है, वो पुरोचन जो है, मुझे किसे आपने लिए जाना चाहिए, तो वो आपसे काम कर सकते है तो क्या मैंने कुछ गलत किया, ये एहसास नहीं था कैसे होता है कि गल्टी होने के पार भी अलग अलग छीज़ें होती है, जो अफटर जो होती है, अफटर कोई गल्टी हो जाती है तो मैंने गल्टी होना चाहिए, मुझे रखता है कि मैं गल्टी किया, और सिर्फ होता है कि मैं गल्टी होना चाहिए जब मुझे भय होता है, भय और गल्टी होने के पार अलग अलग छीज़ें होती है एक है कि मैंने कुछ कलल किया, पर जब सिर्फ होते हैं, कही बाद क्या होता है वो, इतने बाद क्या होता है, कि मुझे मैंने जो किया वो पुरा था या नहीं था, और मैं पकड़ा गया वो पॉर्ण होता है तो जब ऐसे होना होता है, तो कोई भैवित है, भैवित इसलिए है कि मुझे एक सजा मिलने वाली है, या भैवित इसलिए है कि मैंने गल्टी होता हूँ, ये तो मतलब हाँ, ये रावन तो कोई भी मेंने कुछ गल्टी होता है, और अगर हम देखते हैं, क्या उसमें कोई पूर्ण था?
पूर्ण था विल्कुल नहीं था, जब सिदा क्या उसने किया, उसके पहले उसने कही बाद और लोगे आदमी करने का प्यास किया था, वेज़वदी पर उसने कुछ किया था, पिर रामभात किया था उसने, तो पिर ऐसे पहले बाद नहीं था, तो पहले बा तो सभधारन्द यहाँ, जब कुछ बड़ी रंकना हो जाती है, तो कई बाद हमारा मन क्या यादा है, कि इसके कारणे क्या होगा, और हो ज़क्ता है, उसके उपती के बहुत कुछ कारणे की होगा, उसके ऐसे कुछ जिज़ा होगा, जिसमें मेजर कौस था, पढ़ान कार पर तो यहीं नोड़ कोर्ण क्या है, कि उसके बहुत में एक उस विक्ति का भाव था, तो अभी जो गैगेई का भाव था, वो उस समय ऐसा था कि उसको बहुत पशीका होगा, तो अभी मतलब जो किसे में करता है, उसको सर्कंस्टेंश्यल लोग, कि परस करनों हो गया, मतलब यख्री जंगेदार कहाई नहीं दी, यख्री जंगेदार है, पर कहते हैं कि एक फीन अक्शं, तो कुछ नहीं पिदखते है, किसे विक्ति कंच बुरा कारए क्या और उससे हम निशकर्ष करते हैं कि यह बैड परस्मी है।
तो यह निशकर्ष है, कब वालिद है यह? इसके लिए थीन चीज़े हैं। यह बार बार करना है।
नकेबल वो बार बार कर रहा है, पर वो जो कर रहा है, वो अग्रमेटेड है। जो कर रहा है, अग्रमेटेड करते हैं। यह तो बड़ा ही शेमलेस था।
अधावित अधावित था। तो अगर जो व्यक्ति कारी कर रहा है, वो नकेबल कारी करते रहता हैं, पर और बुरा कारी करते हैं। और जब बुरा कारी करते रहता हैं, तो क्या होता है, उसके बाद में वो नौन शलान हो जाता है।
नौन शलान मतलब क्या, तो परवा नहीं करते हैं, इसके चोटी बाद में नहीं करते हैं, सब लोग ऐसे ही करते हैं। तो जब यह तीम शीज़े हैं, जैसे आर्गे, प्रायान, एक्वांड रहे हैं, ऐसा जो है, उसके बाद में वो बड़ा है, तो वो बार बार कारी कर है, वही कार रहे हैं, और बड़ी बाद प्रायान कर रहे हैं, और कर ने के बाद भड़ा है धानपर बहुत होते हैं। खौन वो चोटी बड़ी क्योंं मना रहा हैं।
तो पेस जनोर येत भैल्ड भाई है। पर जैकरीसा देखते हैं कि वो उनकी साथ ए पर वो एक ही बात था तो वो काफ़ी परिणाम होता है तो अभी विश्योगाव का सवाल था I will go back to that when we come to कि जो दाईवा दाईवा किस हद तक responsible है कि किस हद तक वो दाईवा responsible है किस हद तक एक लिए responsible है किस हद तक एक लिए responsible है परस्थित्ति दैवा से आता है परस्थित्ति दैवा से आता है जो पैसने होते हैं जो हमारे होते हैं जो पैसने होते हैं कभी भी दैवा कभी भी दैवा हमारे काने हमारे होते हैं तो यह ब्राध परस्थित्ति है पर कभी कभी परस्थित्ति ऐसी होती है कि सिच्चेमेश्यों और दिस्पिजियों वेटना से कहा जाएँ सकते हैं कि ये दोगों अलग हैं तुमारा पैसा तुमारा था परस्थित्ति कुछ भी है पर इन में कुछ परसती ऐसे होती है उसमें जो कोई decision होगा वो unlikely होजा कुछ परसती ऐसे होती है उसमें वो बहुत likely होगा वो problem होगा नहीं होगा वो कड़ी होगा नहीं होगा अभी अभुतार नहीं होगा कि मालेशे कि किसी को हम अपने घर में बुलाता है कोई रसतिदार है कोई नित्र है और फिर हम एचान घर से बाहर जाना पड़ता है और भी बात में जब हम घर में आते थे तो परसता है कि वो एक चला गया उसमें नहीं होगा वो चोड़ी करता है अपने घर में बुलाता है कि वो एक चला गया तो परसता है कि वो एक च परसता है कि वो एक चला गया तो परसत और मान लीजि कि कोई हम घर में हैं और कोई लॉक अप तोरता है लॉक अप तोरता है और तभी जानद मुझके खेला वो टीविंग सोर्वेश से बैटी की सुन्जारों टीविंग का ओरिग बहुत बढ़ा कर देता है तो क्या है वो जो है एक है कि तुछी मुझे अंगर जो होता है वो एक पल के लिए आता है चल रहा है और जो नफ्रत होती कभी समय के लिए होता है तो वैसे क्या होता है कि जो रॉंग डूइ होता है जो ये एक इंपल्सिव हो सकता है इंपल्सिव मतन उस पल में वो भाव आ गया कर दिया और दूसरा है क्या तो जो इंपल्सिव होता है वो कई बार सरकंस्टेंश्य होता है जो परस्थिती में वो परस्थिती ऐसी आ गई और उस समय उस व्यक्ति के मन में वो अर्जा होता है और फिर वो कार्य कर देता है अब उस व्यक्ति की गलती है फिर पर अगर हम पता चलता है कि इसकी कार्ट अब मताले का जोये चलगा… जो एकने पेस्ला था उसको कला था।
at the same time जो परस्थिती थी वो जब कोई गलती होती है कि कभी कभी वो अनशालव होगी भी जो अनशाल नहीं होती पम्मे हूँ, मुझे ईसे के लिए समझ सकते हैं। उसका मचल इसे नहीं नहीं करता, उसे का लग नहीं है। पर कई बार के चीज़ नहीं की जब दो वेट्तियों में बेसिकली अच्छी संगल मिलता हैं तो दूसरा वेट्ती कोई बुरा काउने करता भी है तो क्या मिलता है नहीं हम वो तो समझने का प्यास हैं. ने इसे क्योंं की?
और अगर वो कम से समझ को पाए तो हम समझ सकते हैं तो हम व्यक्ति के लाई व्यक्ति को सोड़ा एक्स्क्यूज कर सकते हैं क्योंंकि कई व्यक्ति को सोड़ा एक्स्क्यूज कर सकते हैं कैसे है कि यह है कि कई चीज़े अंडर्स्टैंड लेबल होता है और एक्स्क्यूज लेबल होता है तो तुमने क्योंं किया कि समझता हूँ है पर कुछ व्यक्ति गलत करता है और व्यक्ति से पिश्टा ही तोड़ जाता है तो इसमें क्या है कि यह व्यक्ति को सोड़ा एक्स्क्यूज करता है या तो हम समझने का प्रयास नहीं करते हैं या वो व्यक्ति भी समझाने का प्रयास नहीं करते हैं कि यह क्योंं किया है कि क्या विचार करते हैं कभी हर व्यक्ति को कुछ विचार करता है अभी कुछ ऐसे हो तकते है कि हम जो समझ रहे हैं तो दैवसे क्या होता है दैवसे परस्थिति आ सकती है कुछ करना बड़ा बुश्चिल हो सकता है तो जब वो बुश्चिल होता है फिर भी व्यक्ति करता है तो वो जो है वो सर्कंस्टेंशन नहीं है वो इंटेंशन नहीं है अभी रावन ने जो सिदा का अपरण किया तो तभी क्या था वो रावन को पहले मारिश ने बता है कि तुम ये रावन के लाइफ में चाहो रावन को पहले से बता था कि मानवों से कुछ नहीं है सर्क्षन नहीं है मेरे पास तो ऐसे नहीं थी कि रावन वही से जा रहा था उच्छान सिदा को देख लिए अगर रावन के लाइफ में कुछ नहीं हो गया उसको उन्हें पर नहीं करना चाहता है एक बूरा चल्वानी देखना चाहता है तो इसलिए जो है उसको बूरी तरह से ज़िन्दा नहीं है उसको बूरी तरह नहीं हो गया पर जो कहते ही है परस्तिति आ गए अभी जो मैं एहले देखा था दोनों तरह से आता है कई चीज़े ऐसे होती है कि हम कहे सकते हैं इसलिए ज़िन्दा नहीं है तो क्या है कि जो विक्ति ने कारे किया थे उस विक्ति को लगना चाहती है कि जो मैंने किया थे नहीं बड़ा है विक्ति ने परस्तिति को ग्लेट नहीं करना चाहती है वैसे जीवाई मैं क्या करता था वो कर दिया मुझे पर दूसरे लोग हैं वो देखने के लिए सबसे ठीक है हम सबके जीवाई में ऐसे परस्तिति आती है हमें कुछ तेम्टेशन आता है हमारे पंजों के उठी है वो दिया था तो बेस्ट क्या है कि जब हम लेशन्शिक्स में हैं कि जब कोई व्यक्ति बहुत संवंग नहीं है पर कोई काम भगान बदाते है यस्मान नोद विजद देखे लोग को जो दूसरों को विच्चित नहीं करता है और जो दूसरों से विच्चित नहीं करता है ऐसा बत तो मुझे बहुत प्रिवाद है आईडियल क्या है कि जो व्यक्ति I did wrong उस व्यक्ति उस विखार करना चाहिए कि नहीं जो किया उस विखार करना चाहिए उससे क्या होगा दूसरों व्यक्ति उत्पन्ना हो तुम उस विखार करेंगे और जो दूसरा व्यक्ति है Your situations were bad क्या परिस्थिति में जो समझ सकता है अहचें जीं की वो सुपकार एक होता है अहचें जीं की मैं प्रसन नहूं के बि quarantine किया तो पुरा के पर ये क्योंंर में प्रिस्तिति थी मैं सबदि परिसतिनीं uyorum सपकता हूँ जो जो बैड सिच्वेशन है या तो हम उसको और वर्स बना सकते हैं या उसको हम बैड पड़ने सकते हैं तीकि जो हो गया वो हो गया भी अब मुझे इसको और खराब हो जाएगा, अब इसको हम हो गया उसको भी हुँ होगा तो अगर जो व्यक्ति कहता है उसके उन दोनों उल्टा करते हैं, जो जिसने गल्टी कहा है वो सारा परस्थिक दो लेता है और जो परिवारी दो लेता है तो परस्थिक दो लेता है तो दोनों का संवन्द है तो और खराब हो जाएगा जाएगा और उससे क्योंं होगा कि ये जो परस्थिकी है गुरी है वो और खराब होगा ये शास्त्रोस हैं जो पसंद होते हैं उसके केवल ये नहीं है कि हम कथा सुनते हैं और कथा से कुछ अंगो अच्छी कथा सुनते हैं और उसके अच्छा रखता है कि मन होने नहीं होता है तो वास्तव में इन कथाओं से जो कैसे जीना है जो जीवन में किस परकार की हमारी सम्मरी में एक लेक्कार में कहा कि जब कोई बुड़ी रतना हो जाती है तो उसे हम कैसे देखना है हम खास करते हैं कई-कई की बुड़ी रतना के लिए करते हैं तो आपके लिए आपके लिए आपके लिए आपके लि जो हैं दोनों एक तरह से अंगर्दी हैं उन्हें क्या है पूरा जो होल पिच्चर है वो देखना है जब वो ग्लेंग करते हैं ग्लेंग क्या होता है एक तरह से वो अंगर्द से हो सकता है वो ठीक है अंगर्द आखे चला जाता है पर अंगर्द पुर चास मुझे करता है यह बहुत बड़ा है तो हम देखते हैं कि जो कैकई ने जो किया उसमें क्या उसकी गल्टी थी ना ज़रूर गल्टी थी पर उसको केड़े कोंट समझाद नहीं आता है खास करके उसको वहाँ पे कुछ सभानी दिया जाता है तो हमें देखा कि जो राउंड वूर्ड है राउंड वूर्ड का ब्हाव क्या है हमें देखा कि दो प्रतार के हो सकते हैं एक स्ट्रीम में एक है पुराजा सर्कंस्टेंश्य और दूसरा है इंटेंश्य सर्कंस्टेंश्य नहीं होता है तो क्या होता है उसमें वो व्यक्ति को regret और reform सर्कंस्टेंश्य में दोनों होता है इंटेंश्य में दोनों में से एक भी नहीं होता है तो जब कोई अच्छा नित्ती बुरा कारे कर देता है या जब कोई साधा नित्ती जानते है जो bad action होता है bad action से हम बोलते है कि यह अच्छी bad person है यह बुरा नित्ती है तो यह इशकर्ष कम वालिद है तो तीन चीज़ होती है आग्रेवेटी है जो कर रहा है वो और बुरा करते जाता है वो बिल्कुल लापरवा हो जाता है उसके अंदर से सब कुछ लोग है सब कुछ वैसे ही करता है उसको बुरा नहीं मानता है उसको बुरा लगता नहीं है उसको बुरा है सुधार भी नहीं करता है तो व्यक्ति का जो भाव है वो देखना ज़रूरी है और आखरी जो हमें देखा है कि अगर हमें resolution जो जाना है तो क्या करना है जिस व्यक्ति में गलत किया है और जिस व्यक्ति के साथ गलत हुआ है तो जो wrong doer है और जो उसका affected है तो best क्या है wrong doer जो है वो देखता है कि मेरे जो actions, decisions ये wrong है और जो affected है वो देखता है जो परिस्थिति थी situations वो correct है तो इसे क्या होता है अभी जो destiny होती है तो destiny वास्तव में अमारी situation दिर्भारत करती है अमारी decisions दिर्भारत नहीं करती है तो हमें decisions के दिल्बारी नहीं है पर साथ साथ हम समझते हैं कि परिस्थिति के बारे में कभी कभी क्या होता है कुछ decisions लेते हैं कि दोरों अलग है पर ऐसे नहीं कि दोरों में कुछ भी समवन नहीं है कुछ परस्थितियों में कुछ परकार के जो decisions होते हैं वो likely हो जाते हैं तो हम समझ सकते हैं क्योंं क्या होती है इससे और वो बहुत अनलाइकली हो जाता है तो हमें देखता है कि नहीं बस किसी कोई जियों में ऐसे परस्थितियों में आ सकता है कि वो ऐसे कारे कर देता है वो गड़ित कारे है पर वो क्या है यह अच्छा नहीं होता है तो इस तरह में से जो हमें जो परस्थितियों में आती है कोई उसको और बुड़ा करने के लि परस्थितियों में से गर्दा करते हैं अगर सुख सकते है यह परस्थितियों में तो देखता है क्या था उस डर में हमरे बारे लिए बाता है तो तो नहीं होता है या वो दुसरों को भी नामने करें जब क्या होता है कि तद्जेवर्स की होती हैं तो कोई इंटेंशनल रॉंग होगा है तरफीट रॉंग होगा है तो उस समय तो बहुत होगा है पहले सबसे पहले डिस्टन्स तो हम करते हैं कि वो विप्ती को पैसा देते हैं वारो करता है वारो करता है तो देते हैं कि आप से पैसा देते हैं क्या कोई जो पैसे देता है वो कहीं पैसे ही वेस्ट करता है तो तो दुसरे बार उनको पैसा नहीं देगे बहुत मांगे को दे देगे तो दुसरे बार तो नहीं देगे तो कुछ लोग होते हैं हमारे जीवन में उनका जो प्रभाव होता है सभारती होता है कुछ लोग होते हैं उनका नकारती होता है तो जब difficult people होते हैं हमारे जीवन में अगर वो होते हैं हमारे जीवन में हैं जो प्रभाव होता है अगर वो होते हैं हमारे जीवन में हैं जो प्रभाव होता है तो अगर वो होते हैं हमारे जीवन में हैं जो प्रभाव होता है तो हमारे जीवन में हैं जो प्रभाव होता है तो हमारे जीवन में हैं जो प्रभाव होता है अगर हमारे जीवन में हैं जो प्रभाव होता है हमारे जीवन में है जो प्रभाव होता है कैसे कर्मा हो सकता है, कैसे क्योंं हो सकता है, कैसे क्योंं हो सकता है हमारे जीवन में है जो प्रभाव होता है तो हमारे जीवन में है जो प्रभाव होता है पर यह हमारी समयदारी है हमारे जीवन में है जो प्रभाव होता है तो हमारे जीवन में है तो हमारे जीवन में है तो मन्धरा को सुनना नहीं है पर जो मन्धरा ने सुना न बताया है उसके बारे में कुछ क्लारिफिकेशन है क्या दश्टत महाराजी जाएगे पुछ सकते हैं नहीं नहीं नहीं तो वाशिष्ट मुनी पर जा सकते हैं, वाशिष्ट मुनी वो कुम गुरू थे, कुम गुरू मतलब क्या है अधरत राजा बने या राम राजा बने, उनका पद जो था वैसे जड़ेवा, उनके लिए कोई वैस्टेड इंट्रेस्ट नहीं थे, विदो स्वार्थ ही नहीं तो वैसे जड़ेवा नहीं था, पर जो एक संवंण से नगटिविटी आचा रहा था, पर कोई आँ संवंण नहीं रखना, कोई आँ संवंण नहीं रखना, इसमें जाते हैं, इसमें पूछ सकते हैं, वैसे जड़ेवा नहीं था वैसे जड़ेवा नहीं रखना, कोई आँ संवंण नहीं रखना, इसमें जड़ेवा नहीं रखना, कोई आँ संवंण नहीं रखना, इसमें जड़ेवा नहीं रखना, कोई आँ संवंण नहीं रखना, इसमें जड़ेवा नहीं रखना, कोई आँ संवंण नहीं रखना, को हमाँ नाहीं पहुंचती है क्यहरी ब्रेश नहीं है, हम सब orar बंदन स्थावरा हैं जो जब हाम सबके बॉंटरस होती हैं तो क्या है न पर गुस्ता भी आता है किसी को, कुछ हैं गुस्ते में चाहते होते हैं, कुछ होता है कुछ लोगों के गुस्ते मलते हैं वो इतना सालें होते हैं, कुछ बोलों नहीं होते हैं, वो सालें के लिए सालें होते हैं, वो होता है. पर कोई होता है कोई पड़ा इलेटे दुलना, वो होता है चिल चिला होना है, कोई आउटराइड होता है, वो होता है कोई चिला होता है, कोई होता है कोई आंग्स नहीं होता है, कोई और होता है तो वो सुदाई कोई चाकु दिकार देते हैं, कोई और होगा वो बंदुक दि है, कोई अभी रस्या का हेड है या अमेरिका का हेड है, वो पुरा एक निकले वैपन निकार सकते हैं, तो क्या है कि अभी हम सबकी जब बॉंडरीज होती हैं, कुछ हल तर हमारी बॉंडरीज सरकंस्टन से आता है, कि आप सी मुस्सा भी आ जाया है उसके बाद नहीं है, त तो ये पंचार के कासे आता है, तो क्या है कि हर विद्धी के बॉंडरीज होती है तो अभी जो हैं कि वे सबकी जब बॉंडरीज के वाद हैं, तो जब हमारी साथारन समभाव था, साथारन नहीं हां, जब उसका खुस्ट आ जाता है तो हम अमरे नौर्मल व और वो दुर जाते हैं कि इतना दुर जाते हैं, तो वो उसके भी बांटरी हैं और आईडियली से क्या मता रहा है, कि अगर एक सी लग्ड़ी के लिए चार्पेंडिंग है, तो तो क्या कहने है वो बांटरी बहुत बुरे हुआ नहीं होगा तो गुस्ता आ जाएगा, गुस्ते में बड़ा आवाद करेगा पर वेवेक्ती गुस्ता आ जाएगा तो गालिया देंगे।
जो गालिया देंगे तो भोड़ी गालिया देंगे। क्योंंकि हर वेक्ती के बॉंड्रीज होते हैं। और जब हम बक्त करते हैं, पिसल पिल लाना गाते हैं, हमारे वांड्रीज दिले दिले और ताइप होते हैं।
तो थोड़ा सो तो हमारे नॉर्मल के जाएगे हैं। सबको ऐसे कहें नाइप नहीं होते हैं। सबके जीवने के प्रेशल आ जाता है, एक दस चीज़े गळत हो जाते हैं, तो तो प्रेशल 11 चीज़े गळत हो जाते हैं, तो उस साथ है।
जैसे हमारे नॉर्मल के जाएगे हैं, और उस से एक से डीवियेशिन, अच्छा हम नॉर्मल के जाएगे हैं। तो क्या है, कि जब हमारे स्वित्रिकलों जादा हो जाएगा, तो क्या हमारे स्वित्रिकलों कम भी जाएगा, क्या हमारे स्वित्रिकलों भी कम भी जाएगा, तो स्वित्रिकलों जाएगा, तो स्वित्रिकलों जाएगा, तो स्वित्रिकलों जाएगा, तो स्वित्रिकलों एक दो बाते था, हम कुछ भी नहीं करते हैं, चोड़ी आएगा, उसको चीज़ा करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा कर करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा करते हैं, पर अभी जाएगा, उसको चीज़ा क करते हैं, या फिर लंव, हम एबाईं उसको लंव की ज़रूरत हैं, हम उसको लंव से भी करक कर सकें तो लैज कि नमे ऒत माले था मिघ** से उस्टे म्हेखते हैं कि अद्रिअ charcoal दे समूाती लगाएता हैं, तो मुझे ऐसा लगते कई पारी प्रेड़ रहतों जानी होती है जर यह बने का बचा नहीं हूँ।
और परण देखने के लिए, मेरा से स्प्राष्ण है कि यह एक पड़ियों चिता था हमसे भी अधीती था। मैं सम्मे नहीं जाला जाएं करता निभवी आपको चीवलत्या पार रुपतांटके मुतना हो जाता है नहीं बोला क्या तो परक्या, नहीं परक्या आपको जच्चसद को देख्टे था और अब तख्चा कर होगा अगर किसे एक बार कुछ गलती थी और वो उनकी करेक्टर से बिल्कुल अलग है, तो फिर बार बार कुछ देखते हैं, तुम्हें ऐसे क्या था, तुम्हें ऐसे क्या था कोई अपने हस्वाई, आपके आमने कोई बच्चे को मानता है, तो मां करना हसान नहीं है, और यहां, वो मां करते हैं, यही उनकी पड़ीदार्जित्दार्जित्दार्जित्दार्जित्दार्जित्दार्जित्दार्जित्दार्जित्दार्जित्द अभी क्या है, ठीक है, उसने माफ़ी मांगी है, मां करते हैं उसके, तो फर्गीविंग इस ट्रस्टिंग में फ़र्क क्या है, फर्गीविंग इस फ़र्गीविंग में फ़र्क क्या है, फर्गीविंग इस फ़र्गीविंग में फ़र्गीविंग इस फ़र्गीविं प्रस्टिंग, प्रस्ट करते हैं, प भगवान भविता में दाते हैं कि पांड़ों को आजुर उद्धा कर नहीं बता रहे हैं, आजुर उद्धा कर नहीं दाते हैं, निर्वाई रह सत्व तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा तुत्मा वो कभी नहीं करना है, वो जो है लाव चला जाते हैं, प्रेट चला जाते हैं, वो नहीं पता जाते हैं पर अब ये अपने तुम्हेरे बारे में अच्छान कर सकते हैं जस्ट्रिस मतलब क्या है कि हम नहीं पता जाते हैं और हम नहीं पता जाते हैं पर क्या है कि बार बार हो आ रहे हैं, मुझे पता जाते हैं, मुझे समस्या हो, दुसरों को समस्या होके, जस्ट्रिस मतलब क्या है?
प्रभुजी एक रिग्रेट और रियलाइजेशन, जो हमेशां आप लिख रहे हैं, रिग्रेट और रियलाइजेशन, उसमें क्या डिफरेंस है या क्या समिलारिटी है, जस्ट्रिस मतलब क्या है? प्रभुजी एक रियलाइजेशन, जस्ट्रिस मतलब क्या है, जस्ट्रिस मतलब क की रियलाइजेशन यह हो सकता है की इन जगत में जो भी खीज़े हो जी एक लोगन होते हैं, उससे सुख नहीं मिलता है, दहुन जब पहले सुख नहीं मिलता है, यह ज़रूरी है इन जगत की हमें तदू नहीं मिलता है, बस इतना भी धन मिलाएँ तो आप समकुष आपके बारे में आपके बारे स्विखार करता हूँ तो वो इतने से रियलाइज में है कोई व्यक्ति को अगर जबदस्थी कोई disciplinary action देते हैं जब नहीं बढ़त किया है तुमको यह खारा करता है कोई सोड़ा बड़ा बढ़त कारे करता है तो उसको हो जाएगा कोई community service करना है तुमको 50 hours community service करना है तो अभी कोई juvenile element होता है कोई youth होता है तो उसको खारा करता है तो तो जो कर रहा है वो actions कर रहा है पर क्या अंदर से regret है कभी कभी क्या है कि जबदस्थी करना पड़ने करता है उसको लगता है कि नहीं कोई बढ़त किया है तो इसलिए in one sense actions हो सकते है कभी कभी एक पर एक दर्बल नहीं हो सकता है तो जो realization है वो personal acceptance है acceptance की सत्य है और जो regret है तो specifically कि जो मेरी गलती है वो मुझे बुढ़ा लगता है पड़ने करने के लिए करता है कि कोई एक बेक्टी है जो अपने है वो बहुत निकल जीता है पर मेरा धर्म कह रहा है कि मैं उनकी सेवा काम करती हूँ पर उनके बारा के लिए जो सब कुछ है वो बहुत नहीं mental disorder करते लिए है जिसे बारा काम करने के लिए आपके लिए चोड़ने करते हैं पर दर्म जो करता है कि यह multilevel है multilevel मतलब क्या है कि दर्म में एक चीज़ नहीं है हमारे इने धर्म होता है एक माँज़्यावा परिवार में हमारे पत्ये पत्ती में धर्म होता है हमारे बच्चों में धर्म होता है हमारे माता बिला के लिए धर्म होता है हमकोर समाज में होते है हमारे external time में होती है धर्म होता है धर्म मतला क्या है कि हमें एक बच्चों के लिए धर्म होते हैं मैं हूँ तो मुझसे बड़ा जो बच्चों के लिए है उसमें मैं क्या होता हूँ हर्मोल्यस्त यह धर्म है मतलब कि अगर मैं काड़ी चला रहा हूँ तो फिर क्या है अगर मैं काड़ी चला रहा हूँ तो मैं कड़ी चला रहा हूँ तो मैं हर्मोल्यस्त के लिए हूँ जो बड़ा इमिट है जो में हम बिलॉंग करता है उसमें हम कैसे बिलॉंग कर सकते हैं हर्मोल्यस्त यह धर्म है तो हमारा एक धर्म नहीं होता है अलग अलग धर्म होता है तो अब आर्चुन को जो पहुईला के श्रुवाद में जो धर्म संकट था धर्म संमो होता है वो क्या था आर्चुन के लिए आर्चुन को दो धर्म थे एक धर्म और दुसरा धर्म एक क्या था उसका कुल धर्म कि मैं इस कुल का कुल का लेंबर हूँ कुल का सदस्य हूँ कुरु कुल का कुरु कुल के लोग हैं तो इसे लिए दो धर्म होता है मेरे कुल के लोग के लिए दो धर्म होता है पर कुछ दर्म था शत्रिय धर्म कि मैं शत्रिय हूँ और जो गुनेगार है जो कुछ को सदा देना यह नहीं करता हूँ और वो गुन तो उसके लिए क्या था पाइट कभी कौरोंने अलग अलग परकार से गुने के वो एक अत्याचार के अब यह अर्जुन को सवाल था कि अब मैं कौन सा धर्म करता हूँ तो इसलिए अर्जुन का कावल तो चामी तो आम धर्म समोड है चेहता हूँ यह धर्म क्या है मैं समझ नहीं करता हूँ कि धर्म एक चीज़ नहीं है धर्म अनेक चीज़ है अनेक चीज़ नहीं है क्या है कि हम कैसे है कि मैं यहां पे हूँ हूँ हूँ तो मैं अनेक चीज़ नहीं हूँ कि अनेक चीज़ नहीं हूँ अभी अनेक चीज़ नहीं है उसमें हम अनेक चीज़ नहीं हूँ और कभी कभी क्या होता है कि अलग अलग यूनिट्स जो है उसमें हम कारी कर सकते हैं हम कभी कभी हम अनेक यूनिट्स कर सकते हैं कभी कभी हम अनेक यूनिट्स कर सकते हैं कि दोनों में हर्मोईस नहीं कर सकते हैं कि मानली हमारे में जौब है और हमारे बच्चे का स्पूर्ण मुट्र भी के लिए है और हमारे बच्चे का स्पूर्ण मुट्र भी के लिए है तो अगर दोनों एक सोड़े पर आते हैं तो शायद मारे लिए आपका लेला हैं तो आजिस्ट कर लेते हैं तुम्हारा परंद धर्म क्या है कि तुम मेरे अमिश्वर हैं तुम मेरे भागत हैं तुम मेरे सेवत हैं और मेरे सेवत की रूप में तुम एक कुंगलें लिया है और तुम्हारा एक वालु लिया है तुम्हारा एक वालु लिया है कि तुम मेरे सेवत में लिया है तुम्हारा परंद धर्म क्या है तुम्हारा परंद धर्म की रूप में लिया है कि तुम्हारा परंद धर्म की रूप में लिया है तुम्हारा परंद धर्म की रूप में लिया है तुम्हारा परंद धर्म की रूप में लिया है कि तुम्हारा परंद धर्म की रूप में लिया है तुम्हारा परंद धर्म की रूप में लिया है